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"सबके"
कविता
सबके दिल में
जनता हर पल बेचैन
करते रहिए भूमिकाओं का निर्वाह
*एक नदी दो तीर*
सबके क़िस्मत में होता नही हंसाने वाला
दूसरों की जान बचाने के लिए 🥹🥀
सबके सब बे-असर हुए
फूल गुलाब का 🥀
तेरी अदाएं 💕
प्यार आया हैं 💓
कहानी
स्वयंसिद्धा
अफ़सरी रुदबा
स्वयंसिद्धा
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